What is NAVIC ? क्या भारत के मोबाइल से हटेगी अमेरिकी जीपीएस ? नाविक क्या ,क्यों , कैसे

 

What is NAVIC ? क्या भारत के मोबाइल से हटेगी अमेरिकी जीपीएस ? नाविक क्या ,क्यों , कैसे

1 न्यूज़ में क्या है ?
What is NAVIC ? क्या भारत के मोबाइल से हटेगी अमेरिकी जीपीएस ? नाविक क्या ,क्यों , कैसे
what is NAVIC



2 जीपीएस क्या है ? और कैसे काम करती है  |
3 क्या है नाविक का इतिहास ?
4 नाविक क्या है |
5 उपयोग |
6 निष्कर्ष |

1 न्यूज़ में क्या है ?

रॉयटर्स ने लिखा कि इंडिया अपने यहां पर मौजूद  मोबाइल कंपनी है से कह रहा है कि वह GPS को हटाकर स्वदेशी नेविगेशन सिस्टम NAVIC को बढ़ावा देगा | 

 

2 जीपीएस क्या है ? और कैसे काम करती है? जब भी हम वर्तमान समय में अपने मोबाइल के माध्यम से गूगल पर लोकेशन सर्च कर रहे होते हैं तो वह ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम अमेरिका द्वारा सपोर्टेड होता है | सामान्यतया आप अपने लिए रास्ता ढूंढते समय, फूड डिलीवरी समय,राहत बचाव कार्य में लोकेशन सर्च करते हैं वह सेटेलाइट द्वारा सपोर्टेड होता है यह सैटेलाइट अंतरिक्ष में लगभग 36000 किलोमीटर की ऊंचाई पर तैर रही है वहीं से आपके मोबाइल में सीधा कनेक्शन बना करके सूचना पहुंचाते हैं ,आपके मोबाइल में कुछ डिवाइस सपोर्ट करती हैं जो इतनी ऊंचाई से आपके मोबाइल से सीधा कनेक्शन प्राप्त कर रही है अमेरिका द्वारा अंतरिक्ष में दुनिया भर के ऊपर निगाह रखने के लिए सारी चीजें उन्हें दूर से बैठे बैठे पता चल जाए इसके लिए अंतरिक्ष में छोड़े गए थे वह पूरी दुनिया में चारों तरफ चक्कर लगा रहे हैं ऐसी स्थिति में वह बहुत ही बहुत ही अच्छे से जूम करके देख लेते हैं |

 3 क्या है नाविक का इतिहास ?

कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तान द्वारा भारतीय सैनिकों को निशाना बनाए जा रहे थे तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल जी के द्वारा दुश्मन का ठिकाना पूछा , हमारा दुश्मन कहां बैठा हुआ है क्योंकि अमेरिका के पास उस समय जीपीएस था पाकिस्तान प्रेम में बताने से इंकार कर दिया | प्रधानमंत्री के द्वारा यह फैसला किया गया कि निश्चित ही हमें जीपीएस का अल्टरनेट डेवलप करना होगा प्रयास शुरू हुए कारगिल युद्ध धीरे धीरे समाप्त हो गया | वर्ष 2005 में गैलीलियो के लिए भारत EU पहुंचा | भारत का गैलीलियो के अंदर स्वागत हुआ, समर्थन मिला | लेकिन कुछ समय बाद चीन और पाकिस्तान का गैलिलिओ में प्रवेश हुआ  फिर भारत को निकलना पड़ा |  नाविक बनने की शुरुआत सन 2006 में हुई इसको सन 2011 में पूरा  होना था लेकिन यह 2018 में हुई |नाविक में कुल 8 सैटेलाइट है वह है IRNSS-1A , IRNSS-1B, IRNSS-1C, IRNSS-1D, IRNSS-1E, IRNSS-1F, IRNSS-1G AND IRNSS-1I 

4 नाविक क्या है

जीपीएस की तरह एक लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम

5 उपयोग 

इसका उपयोग समुद्र ,हवा , भूमि को नेविगेट करने में
डिजास्टर मैनेजमेंट में
व्हीकल ट्रैकिंग में
मैपिंग में

6 निष्कर्ष

सुरक्षा कारणों से स्वदेशी होना बहुत जरुरी था जिससे की पाकिस्तान और चीन पर नजर रख सके |
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