What is PFI ? PFI got banned, its history and impact

What is PFI ? PFI हुआ बैन,जाने इसका इतिहास और प्रभाव

What is PFI ? PFI got banned, its history and impact
what is PFI?PFI got banned,its history and impact

1 खबर क्या है ? 
PFI  क्या है ? 
3 संगठन इतना ज्यादा विवादित क्यों है ? 
4 प्रतिबंध का प्रभाव क्या होगा ?
5 UAPA क्या है  ? 


1 खबर क्या है ? 

गृह मंत्रालय ने PFI संगठन पर 5 वर्षों के लिए पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है | 

PFI  क्या है ? 

पीएफआई यानी पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया | यह संगठन मुख्य तौर पर स्वयं को एक एनजीओ के रूप में  पेश करता है इस संगठन का दावा है कि जो लोग वंचित , पीड़ित वर्गों के समर्थन के लिए उनके सामाजिक आर्थिक कल्याण का प्रयास कर रहा है | इस संगठन की शुरुआत तो आधिकारिक तौर पर साल 2006 में हुई थी लेकिन इस संगठन का इतिहास  काफी ज्यादा पुराना है| 1990 के दशक में कटरता  काफी ज्यादा तेजी से बढ़ रहा था और इसी वजह से  1992 में एक बड़ी घटना देखने को मिलती है | बाबरी  ढांचे को गिरा दिया गया |1993 में केरल में  राष्ट्रीय विकास मोर्चा यानी नेशनल डेवलपमेंट फ्रंट बनाया गया | अभी जो संगठन का प्राथमिक उद्देश्य राज्य केरल की मुस्लिम आबादी के सामाजिक आर्थिक कल्याण की दिशा में काम करना था लेकिन मुख्य तौर पर यह संगठन  एक धार्मिक संगठन था और धार्मिक संगठन होने की वजह से जो राज्य की मुस्लिम आबादी थी उस आबादी के बीच संगठन तेजी से लोकप्रिय होने लगा  लोकप्रिय होने की वजह से संगठन का जो चरमपंथी प्रकृति  धीरे-धीरे सामने आने लगा |नेशनल डेवलपमेंट फ्रंट जब तेजी से बढ़ने लगा तो इस संगठन को भारत के अन्य हिस्सों में अपनी उपस्थिति बढ़ाने की भी आवश्यकता महसूस हुई | संगठन ने अन्य संगठनों को अपने साथ जोड़ने के विचार पर विचार विमर्श करना शुरू कर दिया और  साल 2006 में तीन संगठन एक साथ मिला वह है |
राष्ट्रीय विकास मोर्चा , कर्नाटक फोरम फॉर डिग्निटी और मनिता निति पसरे जो कि एक तमिलनाडु का संगठन था इसके एक साथ आने की वजह से एक नए संगठन का निर्माण हुआ जिसे हम पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया यानी पीएफआई के नाम से जानते हैं | 
                                 धीरे-धीरे  संगठन की मौजूदगी भारत के तमाम राज्यों तक फैल गई और इसकी वजह से इसकी लोकप्रियता भी बढ़ गई |  यह संगठन केरल में सबसे ज्यादा मजबूत  था | 

3 संगठन इतना ज्यादा विवादित क्यों है ?

हिंसा भड़काने हथियार रखने और चरमपंथ को बढ़ावा देने के लिए जैसे  

1 साल 2010 केरल में एक-एक यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर के सीधे हाथ को काट दिया गया था और उस पर आरोप था कि प्रोफेसर ने अपने प्रश्न  में मोहम्मद के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की हैं | 

2 केरल के कोझिकोड में दंगा कर 8 से ज्यादा हिन्दू की हत्या का आरोप |

3 यह संगठन जमात उल मुजाहिदीन बांग्लादेश और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से सम्बद्ध रखने का आरोप| 


4 प्रतिबंध का प्रभाव क्या होगा ?

1 कोई भी व्यक्ति संगठन की सदस्यता ग्रहण नहीं कर सकता  और यदि कोई व्यक्ति सदस्यता ग्रहण करता है तो उसे अपराध की श्रेणी में शामिल किया जाएगा और उस व्यक्ति पर मुकदमा चलाया जा सकता है | 


2 इसके अलावा  संगठन के तमाम  संपत्तियां को भी सरकार द्वारा जब्त कर लिया जाएगा |

3  इसके भर्ती और अन्य  गतिविधियां पर रोक लग जाएगी | 

4 संगठन से जुड़े नेताओं पर  सरकार द्वारा यूपीए के तहत  करवाई किया जा सकता है उन पर मुकदमा चलाया जा सकता है |

5 इस संगठन के सदस्य कोई सम्मेलन आयोजित नहीं कर सकते हैं और साथ ही संगठन के सदस्य कोई भी लिटरेचर प्रकाशित नहीं कर सकते हैं |

6  कही से कोई फंडिंग नहीं  हो सकता  |                                                                                                                                         


5 UAPA क्या है  ?

Unlawful Activities (Prevention) Amendment Act 1967
गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम 1967 
यह भारत सरकार द्वारा लागू किया गया था | इसका  प्राथमिक उद्देश्य भारत में गैर कानूनी गतिविधियों की प्रभावी  रोकथाम सुनिश्चित करना है | ऐसी सभी गतिविधियां जो कि भारत की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता को प्रभावित करती है इस तरह की सभी गतिविधियां गैरकानूनी गतिविधियां कहलाती है इस नियम के तहत निर्णय  केंद्र सरकार द्वारा लिए जाते हैं केंद्र सरकार को लगता है कि कोई गतिविधि गैरकानूनी है तो सरकार उसे प्रतिबंधित कर सकती है | उस गतिविधियों को करने वाले संगठन , व्यक्ति को प्रतिबंधित  घोषित की जा सकता है |
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