National logistics policy (राष्ट्रीय रसद नीति)

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में व्यापार को बढ़ावा देने और देश की लॉजिस्टिक क्षेत्र में सुधार करने के लिए राष्ट्रीय लॉजिस्टिक नीति की घोषणा की है इस नीति को हाल ही में लॉन्च किया गया है जानकारों का कहना है कि भारत में लॉजिस्टिक क्षेत्र में व्यापक बदलाव करने में मददगार साबित होगी |  इसी नीति से संबंधित तमाम पहलुओं को समझने की कोशिश करेंगे 

 ***रूपरेखा:--   1 न्यूज़ में क्या है 
                       2 लॉजिस्टिक्स होता क्या है 
                       3 इस नीति की आवश्यकता क्या है 
                       4 विशेषताएं क्या है 
                       5 इसके क्या-क्या लाभ देखने को मिल सकते हैं और 
                       6आगे की राह पर भी बात करेंगे 

1 न्यूज़ में क्या है :-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 September 2022 को लॉजिस्टिक पॉलिसी नीति की घोषणा की है 

2 लॉजिस्टिक्स होता क्या है :-

लॉजिस्टिक्स एक व्यापक शब्द हैं जब संसाधनों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाया जाता है या  एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जाता है और जो साधन उसे ले जाने का काम करती है  उसे लोजिस्टिक्स के दायरे में रखते है इसके दौरान देखने को मिलती है प्लानिंग , कोआर्डिनेशन भंडारण इसको लॉजिस्टिक्स के नाम से जानते हैं जैसे किसी वस्तु की आवाजाही के लिए जो इस्तेमाल किया जाता है परिवहन को लॉजिस्टिक के दायरे में शामिल किया जा सकता है इसके अलावा भंडारण सुविधाओं को लॉजिस्टिक के दायरे में शामिल किया जा सकता है खासतौर पर उन पदार्थों के भंडारण को तू ही जल्दी खराब हो जाती है इसके अलावा लॉजिस्टिक जो शब्द है उसके अन्य नामों की बात करें तो लॉजिस्टिक के तहत हम संभावित वितरकों और आपूर्तिकर्ताओं की पहचान को भी शामिल कर सकते हैं | 

3 इस नीति की आवश्यकता क्या है :-

भारत में लॉजिस्टिक्स की आवश्यकता है क्योंकि देश में मौजूदा समय में जो लॉजिस्टिक लागत है वह जीडीपी के 14% - 18% के आसपास पहुंच चुकी है जबकि वैश्विक स्तर पर जो औसत लागत  8% के आसपास है | भारत में यह दो गुनी है  भारत के लिए काफी ज्यादा चिंताजनक विषय है इसके अलावा अन्य देशों अमेरिका ,  दक्षिण कोरिया और सिंगापुर की बात करें तो इन देशे में काफी कम है | अमेरिका और EU के देश  8 % के आसपास  है जाहिर तौर पर भारत इन  देशों से काफी ज्यादा पीछे मौजूद है भारत को भी कुछ करने की जरूरत है | जब लॉजिस्टिक ज्यादा होती है तो इसका प्रभाव में अर्थव्यवस्था पर भी देखने को मिलता है अंतरराष्ट्रीय बाजार में उत्पाद की लागत  ज्यादा हो जाती है क्योंकि आप खुद जानते हैं कि यदि किसी उत्पाद को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचना है तो उसे हमें ट्रांसपोर्ट के जरिए बंदरगाहों तक ले जाना पड़ेगा उसे हमें हवाई जहाज से ले जाना पड़ेगा लेकिन लोजिस्टिक्स लागत ज्यादा हो जाएगी तो उत्पाद महंगा होगी

4 विशेषताएं क्या है :-

 इस पॉलिसी की प्रमुख विशेषताओं पर बात करे तो  इस पॉलिसी के तहत मुख्य तौर पर लॉजिस्टिक प्रक्रिया में बदलाव करने इसके अलावा लॉजिस्टिक प्रोसेस को डिजिटलाइजेशन करने और साथ ही मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा इस पूरे प्रोसेस के दौरान मुख्य तौर पर जो भारत में लॉजिस्टिक प्रोसेस है उसे ज्यादा बदलाव किए जाएंगे  जिसका प्रभाव भारत की अर्थव्यवस्था पर दिखेगा | अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत के उत्पादों को झेलना पड़ता है  भारत की जो ग्लोबल  स्थिति है उसमें भी सुधार करने की कोशिश की जाएगी लॉजिस्टिक प्रदर्शनसूचकांक-2018 में भारत का रैंक 44 है जो काफी  चिंताजनक है | हम जानते हैं कि भारत दुनिया की 5 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है लॉजिस्टिक में सुधार किया जाना काफी जरूरी है और यही वजह है कि भारत सरकार द्वारा इस पूरी नीति के तहत लॉजिस्टिक प्रदर्शन सूचकांक 10 अंक प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है भारत सरकार इस नीति के तहत इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए तमाम प्रयास भी करेगी इसके अलावा पूरी नीति के माध्यम से लॉजिस्टिक मुद्दों को हल करने की कोशिश की जाएगी लॉजिस्टिक क्षेत्र में जिस तरह की चुनौतियां मौजूद है मौजूद है एड्रेस किया जाएगा इसके माध्यम से इसके अलावा निर्यात को कई गुना बढ़ा दिया जाएगा और साथ ही क्षेत्र में छोटे-छोटे उद्योग है और उद्योगों में  जो लोग जुड़े हुए हैं उन उद्योगों से लोगों की क्षमता में सुधार करने पर भी जोर दिया जाएगा उन लोगों की स्थिति में सुधार करने पर भी जोर दिया जाएगा |

           1 इंटीग्रेटेड डिजिटल सिस्टम(IDS):-

 इस क्षेत्र में काम हो सके और तेजी से काम हो सके इसके माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा इसके तहत जो विभाग अलग-अलग क्षेत्रों में लॉजिस्टिक से जुड़े हुए हैं उनका इंटीग्रेशन किया जाएगा जैसे  सड़क परिवहन विभाग , रेलवे , और सीमा शुल्क विभाग शामिल है इसके अलावा भारत सरकार के 30 विभागों को भी शामिल किया जाएगा इसके तहत विभाग डिपार्टमेंट के डाटा को एक स्थान पर लाया जाएगा इस क्षेत्र को अधिक कुशल बनाने की कोशिश की जाएगी 

            2 यूनिफाइड लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफार्म ( ULIP ) :-

 इस पोर्टल में परिवहन क्षेत्र से संबंधित सभी डिजिटल सेवाएं मौजूद होंगी इस पूरे क्षेत्र से संबंधित जो भी डिजिटल सर्विसेज है वह सभी सर्विसेज इसी  प्लेटफार्म और  पोर्टल पर मौजूद होंगी इसका प्रमुख उद्देश्य है कि निर्माता और निर्यातक को उनको बोझिल  प्रक्रिया से दूर करना ,  उन्हें लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा वह अपने घर पर बैठकर ही तमाम तरह की सेवाएं और सुविधाएं का  लाभ उठा सकेंगे | इसी तरह  क्षेत्र से जुड़े लोग  क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए प्रत्यक्ष तौर पर सरकारी एजेंसी से जुड़ सकेंगे और अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकेंगे , किसी व्यक्ति को लगता है कि  उसके व्यवसाय से संबंधित समस्याएं मौजूद हैं जिनके पास है तो व्यक्ति इस पोर्टल के माध्यम से  जुड़ सकेगा और अपनी समस्या का समाधान प्राप्त कर सकेगा | लॉजिस्टिक पार्क विकसित किए जाएंगे | 

5 इसके क्या-क्या लाभ देखने को मिल सकते हैं :-

व्यवस्था में  टिकाऊ लॉजिस्टिक्स होगा जो कि एक साथ जुड़े हुए होंगे इसके प्रभाव को ज्यादा करने पर जोर दिया जाएगा जो परिवर्तनों आसानी से होगा | देश के आर्थिक विकास में काफी ज्यादा मददगार साबित होगा इसके माध्यम से  भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धा में सुधार होगा भारतीय उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में जो मूल्य है वो और ज्यादा कम हो सकेगा इससे भारतीय उत्पाद और ज्यादा कॉम्पिटेटिव बन सकेंगे और प्रतिस्पर्धा करेंगे जिसकी वजह से आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा  इससे भारत में रोजगार के अवसर पैदा होंगे हमारे लिए काफी ज्यादा लाभदायक साबित हो सकती है

 6 आगे की राह पर भी बात करेंगे :-

      1 भारत सरकार को रेल परिवहन पर और ज्यादा ध्यान केंद्रित करना चाहिए क्योंकि हम जानते हैं कि जो इंटर टेरिटोरियल ट्रांसपोर्टेशन होता है उसमें रेल क्षेत्र की भूमिका काफी ज्यादा महत्वपूर्ण मानी जाती है  भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करनी है तो भारत में जो माल गाड़ियों की गति 25Km/h उसको 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से प्राप्त करने चाहिए  

       2 लॉजिस्टिक क्षेत्र को और ज्यादा संगठित किए जाने की भी आवश्यकता है भारत को जो लॉजिस्टिक क्षेत्र है वह मौजूदा समय में काफी ज्यादा बिखरा हुआ है  ऐसे में सरकार से उम्मीद की जाती है कि  ऐसे प्रयास करेगी जिनके माध्यम से क्षेत्र  ज्यादा संगठित किया जा सके


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